द पब्लिकेट, इंदौर। थाना लसूडिया पुलिस ने महालक्ष्मी नगर स्थित किंग स्नूकर क्लब पर दबिश देकर जुआ खेलते हुए 32 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से ₹1,44,410 नकद, 260 ताश के पत्ते, 33 मोबाइल फोन और एक टैबलेट जब्त किया है। मामले में पूल क्लब संचालक पराग रघुवंशी की भूमिका संदिग्ध है लेकिन अभी तक पुलिस से बच रहा है।
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रघुकुल कंस्ट्रक्शन, 60 फीट रोड, महालक्ष्मी नगर के तीसरे तल पर संचालित किंग स्नूकर क्लब में कुछ लोग रुपये का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सर्च वारंट प्राप्त कर क्लब पर छापा मारा।
दबिश के दौरान क्लब के अंदर अलग-अलग समूहों में ताश के पत्तों पर दांव लगाकर हार-जीत का खेल खेला जा रहा था। पुलिस ने मौके से सभी आरोपियों को पकड़कर उनके कब्जे से नकदी, ताश के पत्ते और मोबाइल फोन बरामद किए।

गिरफ्तार आरोपी
- सुशील वर्मा (खातेगांव, देवास)
- हर्षित द्विवेदी (महालक्ष्मी नगर, इंदौर)
- जितेंद्र गुप्ता (नंदानगर, इंदौर)
- सतीश सोनी (चेतन नगर, इंदौर)
- कृष्णकुमार शर्मा (काशीपुरी, इंदौर)
- आकाश गायकवाड (विजय नगर, इंदौर)
- लक्ष्मीनारायण भनोपा (खातीपुरा, इंदौर)
- महेश नरवरिया (सोमनाथ की जूनी चाल, इंदौर)
- नीरज ठाकुर (अंबेडकर नगर, इंदौर)
- ऋषि नायडू (कनाड़िया रोड, इंदौर)
- लखन राजपूत (खातीपुरा, इंदौर)
- सुनील सिंह (शाजापुर)
- मोहम्मद साजिद (सदर बाजार, इंदौर)
- कुलदीप मिश्रा (महालक्ष्मी नगर, इंदौर)
- हेमराज सिंह (सारंगपुर, राजगढ़)
- कमलजीत सिंह (न्यू लक्ष्मणपुरा, इंदौर)
- राजेश कैथवास (भमौरी, इंदौर)
- मोहित ऐले (टापू नगर, इंदौर)
- कृष्णा जादौन (शंकर बाग, छावनी)
- जितेंद्र खोपड़े (परदेशीपुरा, इंदौर)
- आशिफ खान (गीतानगर, इंदौर)
- विजय कुशवाह (जय अंबे बाग कॉलोनी, इंदौर)
- धर्मेंद्र धनोतिया (महालक्ष्मी नगर, इंदौर)
- सुशील जायसवाल (परदेशीपुरा, इंदौर)
- नितेश राठौर (न्यू गौरी नगर, इंदौर)
- आरिफ मंसूरी (सारंगपुर, राजगढ़)
- आशिक खान (वियाना, सारंगपुर)
- जितेंद्र पटेल (नंदानगर, इंदौर)
- सुधीर दुबे (स्कीम नं. 78, विजय नगर)
- राज बरुआ (जंजीरवाला चौराहा, इंदौर)
- महेश चित्तौड़ (हातोद, इंदौर)
- गुलाम नवी (कबूतरखाना, इंदौर)
पूछताछ में हुआ खुलासा
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि क्लब में पराग रघुवंशी द्वारा बैठक करवाई जाती थी और जुआ खेलने वालों से कथित रूप से जुआ नाल (कमीशन) लिया जाता था। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।

