द पब्लिकेट, इंदौर। शहर की बेटी एवं हाईकोर्ट एडवोकेट डॉ. रूपाली राठौर ने उत्तर प्रदेश विधानसभा, लखनऊ में आयोजित “योग चेतना एवं उत्कृष्ट सेवा सम्मान-2026” कार्यक्रम में सम्मान प्राप्त कर इंदौर और मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। कानूनी एवं सामाजिक क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए उन्हें उत्कृष्ट सेवा सम्मान और भगवद् गीता भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. रूपाली राठौर को विशेष रूप से उद्बोधन देने के लिए आमंत्रित किया गया था। निर्धारित शासकीय प्रोटोकॉल की प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद उन्होंने अपने संबोधन में मध्यप्रदेश, विशेष रूप से इंदौर की स्वच्छता, सामाजिक समरसता और विकास मॉडल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की संस्कृति, सादगी और विकास की सोच को उत्तर प्रदेश की धरती तक पहुंचाना उनके लिए गर्व का विषय है।
डॉ. राठौर ने अपने भाषण में क्षिप्रा और गंगा की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि दोनों राज्यों के बीच विकास, संस्कृति और युवा शक्ति का मजबूत सेतु देश को आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ा सकता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान भी किया।
उन्होंने चर्चा के दौरान बताया कि भोपाल के तालाबों और इंदौर की स्वच्छता की कहानी लेकर जब वह लखनऊ और काशी पहुंचीं तो उन्हें महसूस हुआ कि राज्यों की सीमाएं भले अलग हों, लेकिन विकास और प्रगति के सपने सभी के समान हैं।
अपने उद्बोधन में डॉ. रूपाली राठौर ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की पंक्तियों का उल्लेख करते हुए सामाजिक एकता और संविधान की भावना पर भी जोर दिया। उनके विचारों और उपलब्धि को कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने सराहा।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश के इंदौर शहर से डॉ. रूपाली राठौर को सामाजिक और कानूनी क्षेत्र में दी जा रही सेवाओं के आधार पर इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया था। उनके सम्मानित होने पर शहर के सामाजिक, कानूनी एवं विभिन्न संगठनों ने उन्हें बधाई दी है।

