द पब्लिकेट, इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित होने के बाद जहां नए पदाधिकारी नेताओं से मुलाकात कर आशीर्वाद ले रहे हैं, वहीं इंदौर की राजनीति में एक मुलाकात ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इंदौर के युवा नेता अमन यादव (चानू) का उज्जैन जाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे वैभव यादव से एक गुप्त मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है।
सूत्रों के मुताबिक, अमन यादव (चानू) को प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष का दायित्व तो मिला, लेकिन उन्हें इससे कहीं बड़ी जिम्मेदारी की उम्मीद थी। छात्र संघ चुनाव से लेकर विधानसभा चुनाव तक सक्रिय भूमिका निभाने वाले इस युवा चेहरे ने वर्षों तक संगठन के लिए काम किया, लेकिन अंतिम समय में उन्हें अपेक्षित स्थान नहीं मिल सका।
कहा जा रहा है कि उनकी दावेदारी मजबूत होने के बावजूद स्थानीय स्तर के नेता, मंत्री, विधायक का समर्थन नहीं मिल पाया। जिन नेताओं के साथ उन्होंने लंबे समय तक काम किया, वही ऐन मौके पर साथ खड़े नजर नहीं आए। यही वजह रही कि आखिरी समय में उनका नाम ऊपर से नीचे खिसक गया।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि अमन यादव की नजदीकी मुख्यमंत्री मोहन यादव के बेटे वैभव यादव, से रही है। ऐसे में कार्यकारिणी घोषित होने के बाद उनकी यह मुलाकात कई संकेत दे रही है। क्या यह सिर्फ औपचारिक मुलाकात थी या आने वाले समय की सियासी रणनीति?
इस कार्यकारणी ने उन युवा कार्यकर्ताओं की पीड़ा भी सामने ला दी है, जो वर्षों तक मेहनत करने के बाद भी संगठन में अपने हक की जगह पाने के लिए संघर्ष करते रहते हैं।
अब नजर इस बात पर है कि यह ‘गुप्त मुलाकात’ सिर्फ मुलाकात रहती है या इंदौर की राजनीति में कोई नया मोड़ लेकर आती है।

