द पब्लिकेट, इंदौर। इंदौर में हाईप्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क को लेकर एक और गंभीर मामला सामने आया है। सांसद शंकर लालवानी के करीबी बताए जाने वाले गगन खूबानी के बेटे कृष्णा खूबानी पर एक नाबालिग को कथित तौर पर कोकीन का सेवन कराने का आरोप लगा है। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सामने आने का दावा किया जा रहा है, जिसमें एक युवक को सफेद पाउडर जैसी सामग्री का सेवन करते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, वीडियो में मौजूद पदार्थ वास्तव में कोकीन ही है या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
दावा है कि यह घटना क्राइम ब्रांच थाने से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित महाराजा कॉम्प्लेक्स में हुई। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि घटना इतनी नजदीक हुई तो पुलिस और क्राइम ब्रांच की नजर इस कथित नशे के नेटवर्क तक क्यों नहीं पहुंची?
नाबालिग को नशा कराने का आरोप
सामने आए वीडियो को लेकर सूत्रों का दावा है कि कृष्णा खूबानी मोबाइल फोन पर सफेद पाउडर जैसी सामग्री की लाइन बनाकर एक युवक से उसका सेवन करवा रहा था। वीडियो में युवक की हालत नशे के बाद बदली हुई नजर आने का दावा किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक युवक नाबालिग है। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।
आरोप यह भी है कि कृष्णा खुद भी कथित तौर पर नशीले पदार्थ का सेवन करता है और कुछ युवाओं तक ड्रग्स पहुंचाने में उसकी भूमिका रही है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और जब्ती रिकॉर्ड से होना बाकी है।
पहले गांजे के मामले में पकड़ा गया था
उल्लेखनीय है कि हाल ही में तिलक नगर पुलिस ने कृष्णा खूबानी और उसके कथित सहयोगी कीर्तन उर्फ देवांश सुगवानी को ऑर्गेनिक गांजे की खेप के साथ पकड़े जाने की कार्रवाई की थी। इस मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की थी।
आरोप है कि गिरफ्तारी के बाद कृष्णा के पिता गगन खूबानी थाने पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से बेटे को राहत देने के लिए संपर्क किया। यह भी दावा किया जा रहा है कि उन्होंने सांसद का करीबी होने का हवाला देते हुए पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। कुछ लोगों के जरिए अधिकारियों को फोन करवाने की बात भी सामने आई है।
हालांकि, पुलिस रिकॉर्ड में वास्तव में किस धारा में कार्रवाई हुई, आरोपियों को किस आधार पर छोड़ा गया और किसी जनप्रतिनिधि या उसके प्रतिनिधि ने पुलिस से संपर्क किया था या नहीं—इन सभी बिंदुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
क्या ड्रग नेटवर्क तक पहुंचेगी जांच?
मामले में सबसे गंभीर सवाल कथित नाबालिग को ड्रग्स उपलब्ध कराने को लेकर है। यदि वीडियो और नाबालिग से जुड़े आरोप सही पाए जाते हैं तो मामला केवल नशे के सेवन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नाबालिग को मादक पदार्थ उपलब्ध कराने के आरोपों की भी जांच जरूरी होगी।
साथ ही पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि वीडियो में दिखाई दे रहा पदार्थ क्या है, वह कहां से आया, इसे किसने उपलब्ध कराया और क्या इसके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क सक्रिय है।
अब नजर पुलिस और क्राइम ब्रांच की जांच पर है कि वीडियो की फॉरेंसिक जांच, संबंधित युवकों के बयान और ड्रग्स के स्रोत की पड़ताल कब शुरू होती है।

