द पब्लिकेट, इंदौर। शहर में अवैध विज्ञापन ढांचों के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विजय नगर से बापट चौराहा तक लगे 20 से ज्यादा विज्ञापन के लिए लगने वाले पोल कियोक्स (अवैध यूनिपोल और होर्डिंग्स) को हटाया। इस कार्रवाई के बाद शहर में लंबे समय से चर्चा में रहे यूनिपोल घोटाले पर भी शिकंजा कसता नजर आया। द पब्लिकेट ने पिछले साल होडिंग माफिया दीपक जेठवानी के खिलाफ खबरें प्रकाशित कर बताया था कि सांठ-गांठ से दीपक अवैध होडिंग लगा रहा है।
पूर्व में प्रकाशित ख़बरें होडिंग माफिया दीपक जेठवानी ने किया करोड़ो का गोलमाल : ग्वालियर में आईएएस से सेटिंग कर कमाए करोड़ों, इंदौर में भी जमकर पैर भी पेर पसार कर बैठा पीआरजे आउटडोर का मालिक
यह कार्रवाई एमआईसी सदस्य राजेंद्र राठौर की पहल के बाद शुरू हुई। 30 मार्च को की गई शिकायत के आधार पर मामला सामने आया था, जिसके बाद नगर निगम हरकत में आया। बताया जा रहा है कि कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के निर्देश के बाद अभियान को गति मिली।
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने भी मामले को सही मानते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद निगम की टीम ने मेट्रो पिलरों के बीच लगे अवैध यूनिपोल्स पर बुलडोज़र चलाकर उन्हें हटाया।
जांच में सामने आया कि 2019 में समाप्त हो चुके अनुबंध के बावजूद दीपक एडवरटाइजिंग द्वारा अवैध रूप से विज्ञापन ढांचे लगाए जा रहे थे, जिससे निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा था। इस पूरे मामले में अधिकारियों की मिलीभगत के आरोप भी सामने आए हैं।
मौके पर छापेमारी के दौरान अवैध होर्डिंग्स की पोल खुली और विजय नगर चौराहा से लेकर बापट चौराहा तक अभियान चलाकर सफाई की गई।
नगर निगम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दोबारा अवैध यूनिपोल लगाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से शहर में अवैध विज्ञापन माफिया के खिलाफ सख्ती का संदेश गया है और भविष्य में निगरानी बढ़ाने के संकेत भी दिए गए हैं।
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