द पब्लिकेट, इंदौर। इंदौर के कुटुंब न्यायालय में आपसी विवाद के चलते अलग हुए पति-पत्नी के बीच सुलह के बाद एक बार फिर दांपत्य जीवन शुरू करने पर सहमति बनी है। पति उत्कर्ष पिता सुनील परेता और पत्नी उर्वशी परेता के बीच चल रहे दो अलग-अलग न्यायिक प्रकरणों में सफल सुलह के बाद दोनों ने स्वेच्छा से साथ रहने का निर्णय लिया।
मामले में पति उत्कर्ष परेता ने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत वैवाहिक अधिकारों की पुनर्स्थापना के लिए याचिका दायर की थी। वहीं, पत्नी उर्वशी परेता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 144 के तहत आवेदन प्रस्तुत किया था।
पति उत्कर्ष की ओर से पैरवी कर रहे अधिवक्ता कपिलवर्धन चौधरी और यश संजीव उपाध्याय ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुई सुलह वार्ता सफल रही। इसके बाद पति-पत्नी ने आपसी सहमति और स्वेच्छा से फिर से साथ रहकर अपना दांपत्य जीवन स्थापित करने का निर्णय लिया।
हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत दर्ज प्रकरण में कुटुंब न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश ने डिक्री पारित की। वहीं, धारा 144 बीएनएसएस के तहत दर्ज प्रकरण की सुनवाई अतिरिक्त प्रधान न्यायाधीश ने की। आपसी सहमति से हुए इस समझौते के बाद दोनों ने नए सिरे से वैवाहिक जीवन शुरू करने का फैसला किया।

