द पब्लिकेट। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए हैं। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने स्वयं रिजल्ट जारी करते हुए इसे शिक्षा क्षेत्र में सुधार का सकारात्मक संकेत बताया।

इस वर्ष 10वीं का कुल पास प्रतिशत 73.42% रहा, जबकि 12वीं में 76.01% छात्र-छात्राएं सफल हुए, जो पिछले 16 वर्षों में सबसे बेहतर परिणाम है। एक बार फिर लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपनी बढ़त कायम रखी है।

रिजल्ट की सबसे खास बात यह रही कि जनजातीय और आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों के छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इन इलाकों में बेहतर परिणाम सरकार की योजनाओं के जमीनी असर को दर्शाते हैं, जिससे शिक्षा अब दूर-दराज क्षेत्रों तक पहुंच रही है।

वहीं, इस बार शासकीय स्कूलों ने भी निजी स्कूलों को पीछे छोड़ते हुए बेहतर प्रदर्शन किया। 10वीं में सरकारी स्कूलों का पास प्रतिशत 76.80% दर्ज किया गया, जो शिक्षा व्यवस्था में सुधार की ओर इशारा करता है।

सरकार का कहना है कि स्कूटी, साइकिल, लैपटॉप वितरण, मेधावी छात्र सम्मान योजना और सांदीपनी स्कूल जैसी योजनाओं से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ा है। इन प्रयासों के कारण ड्रॉपआउट दर में कमी आई है और सरकारी स्कूलों में नामांकन भी बढ़ा है।

कुल मिलाकर, इस बार का रिजल्ट मध्यप्रदेश में शिक्षा सुधार की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

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