द पब्लिकेट, इंदौर। शहर में सड़कों का हाल बेहाल है। चाहे वो गली, मोहल्ले की हो या फिर मुख्य चौराहों की। सभी सड़कों की मरम्मत करना जरूरी है। अगर नहीं हुई यो हादसे होते रहेंगे। बात घुमा-फिरा कर नहीं करें तो सीधा मुद्दे पर आते है। द पब्लिकेट टीम ने शहर की ऐसी सड़कों का मुआयना किया जिससे हजारों नहीं लाखों वाहन गुजरते है लेकिन इसमें गड्डे होने और पैचवर्क नहीं होने के कारण सड़के खराब हो चुकी है। इसकी वजह से सैकड़ों वाहन चालकों को परेशानियां झेलनी पड़ती है।
हम बात कर रहे है सयाजी चौराहे से स्कीम नंबर 54 जाने वाली सड़क और गली की। इस क्षैत्र की पार्षद पूजा पाटीदार है। यहां की सड़क की बात करें तो कुछ दिन पहले ही नाम-मात्र सड़क बना दी गई। वह भी सिर्फ दिखावे के लिए क्योंकि जब कोई चौराहे से देखे तो सड़क बनी दिखाई दे। लेकिन चौराहे से कृष्ण दूध डेरी जाने वाली सड़क की हालत इतनी बदहाल है कि चौराहे से सर्विस रोड जाने वालों को कीचड़ से सनी टूटी सड़क का सामना करना पड़ता है। चार पहिए वाहन तो जैसे-तैसे निकल जाते है लेकिन दो पहिए वाहनो को मश्शक़त कर निकलना पड़ता है। कारण यह कि पहले तो सड़क पर कीचड़ हमेशा पसरा रहता है जिससे गाड़ी के फिसलने का खतरा ज्यादा रहता है वहीं, जब सड़क में पानी भर जाता है तो यह समझ नहीं आता कि गड्ढे कहां है ? ओर अगर है तो कब और कैसे बचें ?
मेरा सपना है सड़क बनना लेकिन अतिक्रमण तो पूरा हो !
सड़क का काम पिछले दो साल से होने का प्रयास चल रहा है। पहले ड्रेनेज लाइन के करण सड़क की खुदाई हुई थी। लाइन डालने के बाद अतिक्रमण होने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही लोगों ने विरोध कर दिया। बाद में ठेकेदारों ने काम नहीं किया। परेशानी तो चल रही है लेकिन जब तक अतिक्रमण नहीं होगा काम शुरू करने में दिक्कतें होगी। मेरा सपना है कि यह सड़क बन जाए लेकिन अतिक्रमण तो हो !
पूजा परिदार, वार्ड-29 पार्षद

