द पब्लिकेट, जबलपुर। बरगी डैम में हुआ क्रूज हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि कई परिवारों के सपनों का अंत बन गया। तेज आंधी और तूफान के बीच जब क्रूज पानी में समाया, तब किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। चीख-पुकार, अफरा-तफरी और पानी की लहरों के बीच कई जिंदगियां हमेशा के लिए खामोश हो गईं।

इस दर्दनाक हादसे की सबसे मार्मिक तस्वीर एक माँ और उसके मासूम बेटे की है, जिनकी निर्जीव देह साथ मिली। बताया जा रहा है कि आखिरी पल तक माँ ने अपने बच्चे को थामे रखा… जैसे उसे हर खतरे से बचाना चाहती हो। लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तूफान इतना तेज था कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने तक का समय नहीं मिल पाया। कई लोग मदद के लिए चिल्लाते रहे, लेकिन कुछ ही देर में सब कुछ शांत हो गया जैसे पानी ने हर आवाज को निगल लिया हो।

रेस्क्यू टीमों ने रातभर अंधेरे और खराब मौसम के बीच राहत कार्य चलाया। कुछ लोगों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन कई अब भी लापता हैं। अस्पताल में घायल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं, जबकि बाहर परिजन अपनों के लौटने की उम्मीद में आंखें टिकाए बैठे हैं।

बरगी डैम की लहरें अब भी शांत हैं…
लेकिन उनके भीतर दबी चीखें शायद लंबे समय तक सुनाई देती रहेंगी।
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