द पब्लिकेट, बालाघाट/सिवनी। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई पर बांधी गई राखी के साथ मांगा गया एक वादा आज विकास की बड़ी सौगात में बदल गया। बालाघाट–सिवनी लोकसभा क्षेत्र की सांसद भारती पारधी ने पिछले रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से बालाघाट–सिवनी फोरलेन सड़क को उपहार के रूप में मांगा था। अब मुख्यमंत्री ने इस मांग को मंजूरी देकर क्षेत्रवासियों को ₹3,458 करोड़ की ऐतिहासिक सौगात दी है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में 91.64 किलोमीटर लंबे सिवनी–बालाघाट स्टेट हाईवे को फोरलेन, पेव्ड शोल्डर सहित विकसित करने की मंजूरी दी गई। परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत किया जाएगा।
राखी बांधकर मांगा था फोरलेन का उपहार
पिछले रक्षाबंधन पर सांसद भारती पारधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राखी बांधते हुए क्षेत्र की जनता के लिए बालाघाट–सिवनी फोरलेन सड़क की मांग रखी थी। उन्होंने इसे क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा विकास उपहार बताया था।
इसके बाद सांसद ने मुख्यमंत्री से होने वाली मुलाकातों में इस मांग को लगातार उठाया और उन्हें राखी के दौरान किए गए वादे की याद दिलाती रहीं। आखिरकार उनकी मांग को मंजूरी मिल गई।
वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी
बालाघाट और सिवनी के बीच बेहतर सड़क संपर्क क्षेत्रवासियों की लंबे समय से मांग रही है। फोरलेन बनने के बाद दोनों जिलों के बीच आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होने की उम्मीद है। साथ ही महाराष्ट्र और आसपास के क्षेत्रों से कनेक्टिविटी भी मजबूत होगी।
इस परियोजना का असर केवल आवागमन तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, कृषि, उद्योग, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।
“राखी का उपहार” बना विकास की सौगात
सांसद भारती पारधी के लिए यह मंजूरी इसलिए भी खास है, क्योंकि उन्होंने इस मांग को राजनीतिक मुद्दे के बजाय भाई-बहन के रिश्ते से जोड़कर मुख्यमंत्री के सामने लगातार रखा था।
पिछले रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री को राखी बांधते हुए मांगा गया उपहार अब मंजूर हो चुका है। सांसद भारती पारधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि उन्होंने बालाघाट–सिवनी की जनता की वर्षों पुरानी मांग को पूरा कर क्षेत्रवासियों को रक्षाबंधन का ऐतिहासिक उपहार दिया है।
उन्होंने इस बड़ी स्वीकृति पर बालाघाट–सिवनी लोकसभा क्षेत्र की जनता को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राखी का वादा…
भाई का उपहार…
और अब बालाघाट–सिवनी के विकास की नई रफ्तार।

