द पब्लिकेट, इंदौर। कमिश्नर जनसुनवाई में पिछले दिन एक पीड़ित ने मुकेश जैन सहित उसके अन्य साथियों के ख़िलाफ़ धोखाधड़ी की शिकाकत की थी। अगले दिन पीड़ित ने जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया था। पुलिस जांच कर रही है। वहीं, इस धोखाधड़ी में शामिल मुकेश जैन निवासी एमआईजी का भी करोड़ो हड़पने का मामला द पब्लिकेट के पास पहुंचा है। दलाल में मुकेश जैन अपनी दलाली में इतना मगन था कि उसने अपने पार्टनर को ही करोड़ों की चपत लागा दी। जब पार्टनर ने भोपाल और इंदौर में शिकायत की तो दलाल मुकेश ने राजनीतिक रसूख के दम पर मामला दबवा दिया।
जानकारी ने अनुसार दलाल मुकेश जैन और निलेश मेहता ने करीब ढाई साल पहले भोपाल के कोलार तहसील के बावलियाकला गाँव की 36 हजार वर्गफीट सौदा किया था। जमीन डॉक्टर अभय श्रीमाल की थी। इसमें 300 रुपए वर्गफीट के हिसाब से मुकेश जैन और पीड़ित निलेश मेहता की दलाली थी। सौदा होने के बाद मुकेश ने शातिर तरीके से करीब एक करोड़ की दलाली डॉक्टर अभय से ली लेकिन नीलेश को भ्रम में रखकर रुपए नहीं दिए। इस मामले को एक साल होने के बाद भी जब कोई रुपए मुकेश में नहीं दिए तो नीलेश ने भोपाल के कोलार थाने और इंदौर के तिलक नगर थाने में शिकायती आवेदन दिया। यह जानकारी मुकेश जैन को लगी तो उसने नीलेश को धमकाया और अपने राजनीतिक आजमाते हुए कार्रवाई रुकवा दी। इस मामले अभी तक निलेश मेहता के लाखों रुपए दलाल मुकेश हड़पकर बैठा है।
ब्रोकरेज के करोड़ों और सट्टे की लत
बताया जा रहा है दलाल मुकेश जैन सट्टे का शौक़ीन है। करोड़ों की दलाली का मोटा पैसा वह सट्टे में लगाकर आइयाशिया करता है। हालांकि इस दलाल की राजनीतिक पकड़ भी जमकर है लेकिन पुलिस अगर मुकेश की सट्टे लाइन की गहन जांच करें तो सट्टे का लंबा रैकेट का भंडाफोड़ हो सकता है। सूत्रों से पता चल कि मुकेश जैन फिलहाल भूमाफियाओं के साथ मिलकर सुपर कॉरिडोर की जमीनों पर भी हेरफेर कर रहा है।

