द पब्लिकेट, इंदौर। शहर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में गुंडागर्दी और धमकी का गंभीर मामला सामने आया है। बस की खरीद-बिक्री के बहाने किसान परिवार के दो सदस्यों को अपने कार्यालय बुलाकर बंधक बनाने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने चीकू यादव और उसके साथियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। घटना के बाद से सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं और पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
बस सौदे के बहाने ऑफिस बुलाया, दरवाजा किया बंद
खुड़ैल निवासी अशोक पटेल ने परदेशीपुरा पुलिस को शिकायत में बताया कि चीकू यादव ने बस की खरीद-बिक्री को लेकर बातचीत करने के लिए उन्हें परदेशीपुरा चौराहा स्थित अपने कार्यालय बुलाया था। अशोक अपने भतीजे करण के साथ वहां पहुंचे। आरोप है कि कार्यालय में पहुंचते ही चीकू यादव और उसके साथियों ने अंदर से दरवाजा बंद कर दिया।
इसके बाद आरोपियों ने करीब 1.5 लाख रुपए के पुराने लेन-देन को लेकर विवाद शुरू कर दिया। शिकायत के मुताबिक, दोनों के साथ मारपीट की गई और उन्हें धमकाया गया। आरोपियों ने कथित तौर पर कहा कि दो घंटे के भीतर रुपए वापस नहीं मिले तो करण को जूतों से पीटेंगे, जान से मार देंगे और झूठे मामले में फंसाकर उसकी जिंदगी बर्बाद कर देंगे।
गैंग के डर से शिकायत करने में भी घबराया परिवार
घटना के बाद चीकू यादव और उसके साथियों के डर के कारण पीड़ित परिवार काफी समय तक पुलिस के पास जाने से घबराता रहा। बाद में हिम्मत जुटाकर परिजनों ने परदेशीपुरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। परिवार ने पुलिस के सामने आरोपियों से जान का खतरा भी जताया है।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर चीकू यादव और उसके साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वारदात के बाद से आरोपी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
‘चड्डी कांड’ में भी सामने आया था नाम
चीकू यादव का नाम इससे पहले भी विवादों में सामने आ चुका है। चर्चित ‘चड्डी कांड’ में उसका नाम सामने आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की थी। इसके अलावा उसका नाम एक कथित अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के सरगना से जुड़े होने की बात भी सामने आ चुकी है। हालांकि इन पुराने मामलों में आरोपों की पुष्टि संबंधित जांच और पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर ही होगी।
जमाई को झूठे केस में फंसाने का भी आरोप
पीड़ित परिवार के सदस्य अनिल ने आरोप लगाया कि कुछ साल पहले चीकू यादव ने उनके जमाई कुंदन को एक झूठे प्रकरण में फंसाने की कोशिश की थी। इसके बाद परिवार ने चीकू से दूरी बना ली थी। अनिल के मुताबिक, बेटी से संपर्क होने के कारण चीकू उन्हें आए दिन बुलाता था और पूर्व में भी कई बार धमकी दे चुका था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। परिवार द्वारा लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

