6 से 9 सितंबर तक UAE दौरा, AIM कांग्रेस 2026 में करेंगे मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व; उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन बैठकें
द पब्लिकेट, भोपाल। मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 6 से 9 सितंबर तक संयुक्त अरब अमीरात के महत्वपूर्ण दौरे पर हैं। चार दिवसीय प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री दुबई में अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, उद्योगपतियों और वैश्विक व्यापारिक समूहों के साथ संवाद करेंगे। दौरे का मुख्य फोकस मध्यप्रदेश में विदेशी पूंजी निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने पर रहेगा।
AIM कांग्रेस 2026 में दुनिया के सामने रखेंगे MP का विजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रतिष्ठित AIM कांग्रेस 2026 (Annual Investment Meeting) में सहभागिता करेंगे। इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर वे मध्यप्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना, प्राकृतिक संसाधनों, निवेश की संभावनाओं, व्यापार सुगमता और निवेशक हितैषी नीतियों को वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत करेंगे।
‘इन्वेस्ट एमपी 2026’ के तहत सीधे उद्योगपतियों से संवाद
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ‘इन्वेस्ट एमपी 2026’ के तहत UAE और पश्चिम एशिया के प्रमुख उद्योगपतियों, फंड मैनेजर्स और वैश्विक कारोबारी समूहों के साथ निवेश पर चर्चा करेंगे।
आईटी, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग, नवीकरणीय ऊर्जा और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विशेष जोर रहेगा। इसके अलावा प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के प्रमुखों के साथ वन-टू-वन द्विपक्षीय बैठकें भी प्रस्तावित हैं, जिनके जरिए संभावित निवेश प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की कोशिश होगी।
मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीय समुदाय और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से भी मध्यप्रदेश के विकास में भागीदारी का आह्वान करेंगे।
MoU से आगे, निवेश को जमीन पर उतारने पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का जोर केवल सहमति पत्रों तक सीमित न रहकर निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने पर है। क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलनों के बाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश आकर्षित करने के प्रयास तेज किए जा रहे हैं।
सरकार को उम्मीद है कि दुबई में होने वाली बैठकों से मध्यप्रदेश में विदेशी निवेश, अत्याधुनिक तकनीकी सहयोग और रोजगार के नए अवसरों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री का यह दौरा प्रदेश को वैश्विक औद्योगिक और निवेश मानचित्र पर और मजबूत पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

