द पब्लिकेट, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इन दिनों भारतीय जनता पार्टी और केंद्र सरकार में संभावित बड़े फेरबदल को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज है। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार, राज्यों और संगठन तीनों स्तरों पर बदलाव देखने को मिल सकते हैं। हालांकि, इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चर्चा है कि केंद्रीय मंत्रिमंडल में व्यापक बदलाव करते हुए करीब 10 मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं या उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर किया जा सकता है। इसके साथ ही पांच राज्यों में नए राज्यपालों की नियुक्ति की भी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि दो केंद्रीय मंत्रियों को राज्यपाल बनाया जा सकता है।
इन अटकलों को उस समय और बल मिला जब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की। हालांकि, इस मुलाकात के उद्देश्य को लेकर राष्ट्रपति भवन या गृह मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की गई है।
इसी बीच, मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर भी तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक चर्चाएं सामने आ रही हैं, लेकिन पार्टी या सरकार की ओर से ऐसी किसी संभावना की पुष्टि नहीं की गई है।
महाराष्ट्र की राजनीति को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। दावा किया जा रहा है कि शिवसेना के कुछ विधायक पाला बदल सकते हैं, जबकि भाजपा संगठन में भी नई नियुक्तियों और जिम्मेदारियों को लेकर मंथन चल रहा है।
फिलहाल यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक चर्चाओं और सूत्रों पर आधारित है। केंद्र सरकार और भाजपा की ओर से किसी भी बड़े फेरबदल को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में सभी की नजरें आने वाले दिनों में पार्टी और सरकार के संभावित फैसलों पर टिकी हैं।

