द पब्लिकेट, इंदौर। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के प्रदेश अध्यक्ष श्याम टेलर के 14 जून को इंदौर आगमन को लेकर भाजपा कार्यालय में तैयारियों संबंधी एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में करीब 50 कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए तथा प्रस्तावित साइकिल रैली को सफल बनाने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक की शुरुआत भाजयुमो शहर नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने की। इस दौरान रैली के मार्ग, कार्यकर्ताओं की भागीदारी, जनसंपर्क और आयोजन की व्यवस्थाओं को लेकर कई सुझाव सामने आए। कुछ मुद्दों पर कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा और मतभेद भी देखने को मिले, लेकिन अंततः सभी ने कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया। इस बैठक में नगर अध्यक्ष की प्रबल दावेदारी करने वाले अक्षांशु तिवारी, धीरज ठाकुर, अक्षत चौधरी, मयूरेश पिंगल, अमित पालीवाल, अमन यादव सहित अन्य भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
बैठक की विशेष बात यह रही कि इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की पृष्ठभूमि से जुड़े कई कार्यकर्ता भी शामिल हुए। इनमें अखिल भारतवर्षीय यादवयुवा युवा महासभा के नगर अध्यक्ष नितिन यादव का नाम प्रमुखता से सामने आया। बताया जाता है कि उनका परिवार पिछले लगभग 50 वर्षों से संघ की विचारधारा से जुड़ा रहा है और राम मंदिर आंदोलन, भोजशाला आंदोलन सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। इसी कारण नितिन यादव को संगठनात्मक कार्यों और वैचारिक विषयों की अच्छी समझ रखने वाला कार्यकर्ता माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान नितिन यादव ने साइकिल रैली के साथ ईवी (इलेक्ट्रिक वाहन) जागरूकता अभियान को भी जोड़ने का सुझाव दिया। उनका मानना था कि इससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश मजबूत होगा और ईंधन की बचत को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा समय-समय पर दिए गए संदेशों को भी जन-जन तक पहुंचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को बढ़ावा देकर स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में सकारात्मक योगदान दिया जा सकता है। इससे ग्लोबल वार्मिंग जैसू समस्याओं का भी समाधान होगा और राष्ट्र अर्थव्यवस्था में भी सुधार होगा।
बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं ने साइकिल रैली को युवाओं को संगठन से जोड़ने, फिटनेस का संदेश देने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। रैली में अधिक से अधिक युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अब सभी की नजर 14 जून को आयोजित होने वाली साइकिल रैली पर है। देखना होगा कि भाजयुमो इस आयोजन को कितनी व्यापक भागीदारी के साथ सफल बनाता है और युवाओं के बीच अपना संदेश कितनी प्रभावी तरीके से पहुंचा पाता है।

