द पब्लिकेट, भोपाल। राजधानी के लाल परेड मैदान में आयोजित भव्य ‘सीएम यूथ कॉन्क्लेव’ में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के 20 हजार से अधिक युवाओं से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शिक्षा, रोजगार, स्टार्टअप, अनुसंधान और कौशल विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। सरकार ने साफ किया कि उसका लक्ष्य युवाओं को केवल ‘जॉब सीकर’ बनाने का नहीं, बल्कि उन्हें ‘जॉब क्रिएटर’ के रूप में तैयार करने का है।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि वर्ष 2027 को प्रदेश में ‘युवा वर्ष’ के रूप में मनाया जाएगा। युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस दौरान रोजगार, शिक्षा, कौशल और नवाचार से जुड़े विशेष कार्यक्रमों पर फोकस किया जाएगा।
MPPSC अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
राज्य प्रशासनिक सेवा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि MPPSC की मुख्य परीक्षा अब साल में दो बार आयोजित की जाएगी। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अधिक अवसर मिलेंगे और उन्हें लंबे समय तक परीक्षा चक्र का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
हर जिले में मुफ्त प्रतियोगी कोचिंग
प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बड़े शहरों का रुख न करना पड़े, इसके लिए हर जिले के शासकीय महाविद्यालयों में निःशुल्क प्रतियोगी कोचिंग कक्षाएं शुरू की जाएंगी। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराना है।
स्टार्टअप के लिए 5 करोड़ का आइडिया फंड
युवाओं के नए बिजनेस आइडिया और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने 5 करोड़ रुपए के ‘आइडिया फंड’ को मंजूरी दी है। इससे नए स्टार्टअप और इनोवेटिव आइडिया को शुरुआती स्तर पर आर्थिक मदद मिलने का रास्ता खुलेगा।
रिसर्च फेलोशिप 16 से बढ़कर 25 हजार
शोधार्थियों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। शोध कार्य से जुड़े विद्यार्थियों की मासिक फेलोशिप 16 हजार रुपए से बढ़ाकर 25 हजार रुपए कर दी गई है। इसके अलावा गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए 1 करोड़ रुपए का अलग रिसर्च फंड भी बनाया जाएगा।
कॉलेजों में बनेंगी AI और एडवांस कंप्यूटिंग लैब
तकनीकी शिक्षा को आधुनिक जरूरतों से जोड़ने के लिए प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस कंप्यूटिंग लैब स्थापित की जाएंगी। सरकार का जोर युवाओं को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने पर रहेगा।
12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 यूनिवर्सिटी
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की भी घोषणा की। अगले वर्ष प्रदेश में 12 नए मेडिकल कॉलेज और 12 नई यूनिवर्सिटी स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही एक लाख युवाओं का स्किल अपग्रेडेशन करने का लक्ष्य रखा गया है।
सीएम यूथ कॉन्क्लेव में हुई घोषणाओं के जरिए सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की कि मध्य प्रदेश में युवाओं को शिक्षा और रोजगार के पारंपरिक अवसरों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें तकनीकी रूप से सक्षम, आत्मनिर्भर और रोजगार पैदा करने वाला युवा बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘युवा वर्ष 2027’ के जरिए सरकार की कोशिश इन योजनाओं को व्यापक स्तर पर जमीन पर उतारने की होगी।

