द पब्लिकेट, इंदौर। शहर में क्रिप्टो करेंसी USDT के अवैध कारोबार का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। मामले की शिकायत जनता कॉलोनी निवासी कृष्णा कौशल ने कृष्ण लालचंदानी से की, जिसके बाद जांच शुरू हुई।
कृष्णा ने बताया कि वह अपने साथी सिद्धार्थ यादव के साथ छोटे स्तर पर USDT का लेन-देन करता था। उनके संपर्क में बंडा बस्ती महू निवासी इमरान खान था, जिसके जरिए वे लोगों के खातों में USDT ट्रांसफर करवाते थे। इसी बीच शुभम चौहान और हनी शर्मा के माध्यम से 25 हजार USDT (करीब 25 लाख रुपए) का ऑर्डर मिला। 22 अप्रैल को 60 फीट रोड विद्याधाम गौशाला के पास सौदा तय हुआ, जहां कैश के बदले USDT ट्रांसफर करना था।
जैसे ही USDT ट्रांसफर हुआ, एरोड्रम थाने के सिपाही योगेश लश्करी और आजादनगर के सिपाही संजय डांगी मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखकर कृष्णा और सिद्धार्थ भाग गए, जबकि शुभम को पुलिस अपने साथ थाने ले गई। बाद में जब दोनों एरोड्रम थाने पहुंचे तो वहां शुभम और संबंधित पुलिसकर्मी नहीं मिले।
इसी दौरान इमरान खान ने अपने साथियों (कुख्यात गैंगस्टर समलान लाला के भाई) शादाब लाला को बुलाया, जिन्होंने कृष्णा और सिद्धार्थ को जबरदस्ती कार में बिठाकर उनके साथ मारपीट की। आरोप है कि उन्हें चंदननगर थाना परिसर ले जाकर एक सादी वर्दी वाले पुलिसकर्मी से मिलवाया गया, जहां उन्हें एमडी ड्रग्स और पिस्टल रखकर फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्हें छावनी क्षेत्र में एक वकील के पास ले जाकर जबरन सिद्धार्थ के मकान की 25 लाख रुपए में लिखापढ़ी करवाई गई और नकदी भी छीन ली गई।
घटना के बाद पीड़ितों ने 23 अप्रैल को डीसीपी को शिकायत दी। मामले की जांच सुमित केरकेट्टा को सौंपी गई। जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें पुलिसकर्मियों की संदिग्ध भूमिका सामने आई। इसके बाद एरोड्रम के थानेदार राम शाक्य, हवलदार दीपू यादव, सिपाही योगेश लश्करी और संजय डांगी को लाइन अटैच कर दिया गया है। हालांकि शाक्य और यादव मौके पर मौजूद नहीं थे, लेकिन उनकी जिम्मेदारी के चलते कार्रवाई की गई है। पुलिस ने फरार आरोपी शुभम चौहान के घर दबिश दी, लेकिन वह नहीं मिला। उसके परिवार से पूछताछ जारी है।
यूएसडीटी का पाकिस्तानी कनेक्शन
मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू तब सामने आया जब पीड़ितों को विदेश के नंबरों से धमकी भरे कॉल आने लगे। सूत्रों के अनुसार, इस पूरे क्रिप्टो रैकेट का कनेक्शन पाकिस्तान से जुड़ा हो सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और मामले को अंतरराष्ट्रीय एंगल से भी देखा जा रहा है।

