द पब्लिकेट, इंदौर। किसानों की मांगों को लेकर शुक्रवार को इंदौर ग्रामीण कांग्रेस और शहर कांग्रेस द्वारा किया गया ‘चक्का जाम’ आंदोलन शहरभर में चर्चा का विषय बन गया। आंदोलन के बाद पुलिस ने जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े समेत 33 लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है।
कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि आंदोलन पूरी तरह सफल रहा और इसके दबाव में प्रशासन को कई मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े और शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे के नेतृत्व में हजारों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह 11 बजे से दोपहर करीब 2:30 बजे तक सड़क पर डटे रहे। कांग्रेस के अनुसार आंदोलन में करीब 3000 से 3500 किसानों ने हिस्सा लिया।
चक्का जाम के कारण शहर के कई इलाकों में यातायात प्रभावित रहा। हालात को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल, वज्र वाहन और वॉटर कैनन तैनात किए थे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आंदोलन के दौरान एक एम्बुलेंस के फंसने पर जिला अध्यक्ष विपिन वानखेड़े ने खुद आगे आकर रास्ता साफ करवाया और एम्बुलेंस को सुरक्षित बाहर निकलवाया। इस घटना की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की।
इधर, आंदोलन के बाद पुलिस ने चक्का जाम और यातायात बाधित करने के मामले में जिला कांग्रेस अध्यक्ष विपिन वानखेड़े सहित 33 कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के कारण आमजन को परेशानी हुई और कानून व्यवस्था प्रभावित हुई।
वहीं कांग्रेस नेताओं ने कार्रवाई को राजनीतिक दबाव की कार्रवाई बताते हुए कहा कि किसानों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। विपिन वानखेड़े ने कहा कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले समय में इससे भी बड़ा आंदोलन किया जाएगा।




