द पब्लिकेट, उज्जैन। कानीपुरा स्थित लक्की दरबार ढाबे पर बुधवार देर रात करणी सेना से जुड़े दो गुटों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। कहासुनी के बाद एक पक्ष ने अपने साथियों को फोन कर बुलाया। कुछ ही देर में 12 से 15 लोग हथियारों के साथ ढाबे पर पहुंचे और दूसरे पक्ष पर चाकू-तलवार से हमला कर दिया। हमले में ढाबा संचालक समेत दो लोगों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान नीमनवासा निवासी राहुल दरबार उर्फ विजय प्रताप (42), जो करणी सेना के जिला उपाध्यक्ष बताए जा रहे हैं, और उंडासा निवासी जितेंद्र पवार (35) के रूप में हुई है। जितेंद्र लक्की दरबार ढाबे के संचालक थे।
अस्पताल में राहुल ने तोड़ा दम, झाड़ियों में मिला जितेंद्र का शव
हमले में राहुल दरबार गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें तत्काल निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं जितेंद्र पवार का शव ढाबे से कुछ दूरी पर झाड़ियों में मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।
रात 11 बजे मिली थी धमकी
राहुल के मामा हेमंत सिंह चौहान के मुताबिक, रात करीब 11 बजे राहुल के छोटे भाई के पास शक्ति सिंह का फोन आया था। फोन पर कथित तौर पर कहा गया कि अगर अपने भाई को बचा सकते हो तो बचा लेना। इसके बाद परिजन लक्की दरबार ढाबे पहुंचे, जहां राहुल घायल हालत में मिले।
बच्चे को लेकर हुआ था विवाद
परिजनों के अनुसार, कुछ समय पहले अर्पित और राहुल के बीच एक बच्चे को लेकर विवाद हुआ था। बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। इसी समझौते की पार्टी के सिलसिले में शक्ति सिंह और राहुल लक्की दरबार ढाबे पहुंचे थे।
बताया गया कि दोनों पक्षों ने ढाबे पर खाना खाने और शराब पीने के दौरान बातचीत की। इसी दौरान शक्ति सिंह ने राहुल को कथित तौर पर चांटा मार दिया। जवाब में राहुल ने चम्मच से शक्ति के सिर पर वार कर दिया। इसके बाद शक्ति ने सोनू बंजारा को फोन कर साथियों को बुलाया।
12 से ज्यादा लोग हथियार लेकर पहुंचे
कुछ ही देर में सोनू बंजारा कथित तौर पर 12 से ज्यादा लोगों के साथ हथियार लेकर ढाबे पर पहुंचा। आरोप है कि इन लोगों ने राहुल पर चाकू और तलवार से हमला कर दिया। इसी दौरान ढाबा संचालक जितेंद्र पवार पर भी चाकू से हमला किया गया। दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस को अलग-अलग बयानों से मिली जानकारी
चरक अस्पताल में भर्ती घायल श्रवण ने पुलिस को बताया कि ढाबे पर शक्ति सिंह और राहुल दरबार के बीच विवाद हुआ था। शुरुआत में मौजूद लोगों ने दोनों को शांत करा दिया था, लेकिन बाद में शक्ति सिंह ने सोनू बंजारा को फोन कर साथियों को बुला लिया।
सूचना मिलते ही चिमनगंज थाना प्रभारी विवेक कनोडिया पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल की जांच के साथ घायलों के बयान दर्ज किए हैं। पुलिस के अनुसार, शक्ति सिंह भी घटना में घायल हुआ है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।
तीन आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी
पुलिस के मुताबिक अर्पित, करणी सेना जिलाध्यक्ष मोहन बना और सोनू बंजारा फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। पूरे मामले में पुरानी रंजिश, विवाद की वास्तविक वजह, हमले में शामिल लोगों और दोनों मौतों की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

