द पब्लिकेट, भोपाल/दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए आशुतोष तिवारी को अपना अधिकृत उम्मीदवार घोषित कर दिया है। शुक्रवार को पार्टी ने उनके नाम पर मुहर लगाई। यह घोषणा ऐसे समय हुई है, जब कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को राहत नहीं मिली और उनकी याचिका सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज किए जाने के बाद उपचुनाव की तस्वीर लगभग साफ हो गई है।

आशुतोष तिवारी भाजपा संगठन के अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे भाजपा के संभागीय संगठन मंत्री रह चुके हैं और मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन के रूप में कैबिनेट मंत्री का दर्जा भी संभाल चुके हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने सेवढ़ा सीट से टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने उस समय प्रदीप अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया था। अब भाजपा ने दतिया उपचुनाव में उन पर भरोसा जताया है।

नरोत्तम मिश्रा का नाम नहीं, अटकलों पर विराम

दतिया उपचुनाव को लेकर पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की दावेदारी सबसे ज्यादा चर्चा में थी। उन्होंने बुधवार को नामांकन पत्र भी खरीद लिया था और शुक्रवार को नामांकन दाखिल करने की संभावना जताई जा रही थी। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने अंतिम समय में आशुतोष तिवारी के नाम की घोषणा कर सभी अटकलों पर विराम लगा दिया।

कांग्रेस की राह भी हुई मुश्किल

दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को न्यायालय से राहत नहीं मिली। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी। इससे पहले भारती ने कहा था कि यदि पार्टी चाहे तो उनके परिवार की बजाय किसी अन्य नेता को भी उम्मीदवार बना सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस जिस भी प्रत्याशी को मैदान में उतारेगी, उसके समर्थन में पूरी ताकत से प्रचार करेंगे।

नामांकन प्रक्रिया जारी

दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए अब तक 13 उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र खरीदे हैं, जबकि 4 उम्मीदवार अपने नामांकन दाखिल कर चुके हैं। भाजपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद अब सबकी नजर कांग्रेस के प्रत्याशी पर टिकी हुई है।

अब दतिया का उपचुनाव सीधे भाजपा और कांग्रेस के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता नजर आ रहा है, जहां दोनों दल अपनी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में हैं।

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