द पब्लिकेट, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए भूमि खरीद और कथित घोटाले के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने आधिकारिक प्रतिक्रिया जारी करते हुए सभी आरोपों को निराधार और भ्रामक बताया है। CMO का कहना है कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार की संपत्तियों को लेकर फैलाए जा रहे दावे तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और राजनीतिक उद्देश्य से प्रचारित किए जा रहे हैं।
CMO द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा उनके परिवार की संपत्तियों में कोई ऐसी वृद्धि नहीं हुई है जिसे छिपाया गया हो या जो नियमों के विरुद्ध हो। वर्ष 2023 में चुनावी नामांकन के दौरान शपथ-पत्र में जो जानकारी घोषित की गई थी, वही स्थिति आज भी बनी हुई है।
बयान के अनुसार, डॉ. मोहन यादव के नाम 17 एकड़ भूमि दर्ज है, जबकि उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम 12.29 एकड़ भूमि है। पुत्र वैभव यादव के नाम 16 एकड़ भूमि है, जिसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई परिवर्तन नहीं हुआ। वहीं पुत्रवधु शालिनी यादव के नाम 10 एकड़ कृषि भूमि है, जो मास्टर प्लान क्षेत्र के बाहर स्थित बताई गई है।
CMO ने यह भी स्पष्ट किया कि सिद्धिविनायक कंपनी से डॉ. मोहन यादव वर्ष 2017 में ही निदेशक पद से इस्तीफा दे चुके थे। कंपनी के पास वर्ष 2023 में 68 एकड़ भूमि थी, जो वर्तमान में 65 एकड़ है। इस भूमि और कंपनी के संचालन में मुख्यमंत्री की कोई भूमिका नहीं है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विकास और जनहित के मुद्दों पर जनता के बीच प्रभावी ढंग से बात नहीं कर पाने के कारण विपक्ष मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। CMO के अनुसार, भूमि घोटाले के नाम पर लगाए जा रहे आरोप राजनीतिक प्रेरित हैं और प्रदेश की जनता ऐसे प्रयासों को समझती है।
इस पूरे विवाद के बीच CMO की ओर से जारी बयान को मुख्यमंत्री पक्ष की आधिकारिक सफाई माना जा रहा है, जिससे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का यह मामला और गर्माने की संभावना है।

