द पब्लिकेट, इंदौर। मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इंदौर में अब तक का सबसे अधिक अधिकतम तापमान 44.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह रिकॉर्ड 25 अप्रैल 1958 को बना था, जो आज तक कायम है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक यह तापमान इंदौर के इतिहास की सबसे खतरनाक गर्मी में से एक माना जाता है। इसके बाद हाल के वर्षों में मई 2016 में भी शहर ने भीषण गर्मी झेली थी, जब पारा 44.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। उस दौरान दिनभर लू चली थी और सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला था।

विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बढ़ता शहरीकरण, हरियाली में कमी और जलवायु परिवर्तन के कारण इंदौर में गर्मी का असर पहले की तुलना में ज्यादा महसूस किया जा रहा है। दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आ रही हैं और लोग घरों में रहने को मजबूर हैं।

डॉक्टरों ने भी लोगों को दोपहर में बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलने, पर्याप्त पानी पीने और लू से बचाव करने की सलाह दी है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है।

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