पब्लिकेट, इंदौर। भोपाल और इंदौर की हाईसोसायटी पार्टियों, पॉश पब, लाउंज और फार्म हाउस इवेंट्स के भीतर लंबे समय से चल रहे एमडी ड्रग्स के खेल का बड़ा पर्दाफाश हुआ है। इस ड्रग नेटवर्क की चौंकाने वाली बात यह है कि इसमें कोई आम तस्कर नहीं, बल्कि स्कूल और क्रिकेट एकेडमी का संचालक आवान शकील और इवेंट इंडस्ट्री से जुड़ा वैभव उर्फ बाबा शर्मा शामिल पाया गया हैं।

इंदौर क्राइम ब्रांच और कनाडिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में आवान शकील को एमडी ड्रग्स की सप्लाई करते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। 13 जनवरी को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आवान शकील कनाडिया क्षेत्र में एमडी ड्रग्स की खेप लेकर आने वाला है। सूचना के आधार पर बताए गए रास्ते पर घेराबंदी कर पुलिस ने उसकी थार गाड़ी को रोका। तलाशी के दौरान 5.5 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई।

पूछताछ में सामने आया कि आवान खुद की लग्जरी कार से ही ड्रग्स की डिलीवरी करता था, ताकि किसी को शक न हो। वह खुद को हाई-प्रोफाइल पार्टी गोअर के तौर पर पेश करता था और इसी आड़ में ड्रग्स की सप्लाई करता था। उसने स्वीकार किया कि इंदौर के विजय नगर, खजराना, लसूड़िया समेत कई इलाकों के पब, रेस्टोरेंट और फार्म हाउस पार्टियों में एमडी ड्रग्स पहुंचाई जाती थी। खासतौर पर वीकेंड पार्टी, बर्थडे बैश और प्राइवेट इवेंट्स उसके मुख्य टारगेट होते थे, जहां नशे की मांग ज्यादा रहती थी।

इवेंट मैनेजर बना ड्रग नेटवर्क का मास्टरमाइंड

आवान के खुलासे के बाद पुलिस ने वैभव उर्फ बाबा शर्मा को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक वैभव भोपाल और इंदौर के नामी पब, बार, रेस्टोरेंट और फार्म हाउस पार्टियों में एमडी ड्रग्स की सप्लाई का नेटवर्क संभालता था। जांच में सामने आया कि वह पेशे से इवेंट कंपनी चलाता था और इसी काम के जरिए पार्टी आयोजकों, क्लब मैनेजरों और हाई-प्रोफाइल ग्राहकों के संपर्क में रहता था।

इवेंट बुकिंग के दौरान ही ड्रग्स की डिमांड और सप्लाई का पूरा सेटअप तय कर लिया जाता था। वैभव ने ड्रग्स की डिलीवरी के लिए युवतियों को पैडलर के रूप में इस्तेमाल किया। पार्टियों में लड़कियों की मौजूदगी सामान्य मानी जाती थी, इसी का फायदा उठाकर एमडी ड्रग्स को बिना किसी शक के ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था।

गिरफ्तारी के समय वैभव सफेद रंग की ईको कार से ड्रग्स की डिलीवरी देने निकला था। कार में उसके साथ आलिशा उर्फ जैनी, निवासी सुभाष नगर, रतलाम और रिशुजा उर्फ नेहा, निवासी अंधेरी ईस्ट, मुंबई मौजूद थीं। तलाशी में दोनों युवतियों के पास से भी एमडी ड्रग्स की पुड़ियां बरामद की गईं।

स्कूल संचालक और इवेंट मैनेजर की मिलीभगत

जांच में यह भी सामने आया कि वैभव शर्मा सीधे तौर पर भोपाल के स्कूल संचालक आवान शकील को एमडी ड्रग्स सप्लाई करता था। आवान पब और हाई-प्रोफाइल पार्टियों में ड्रग्स की खपत और आगे की डिलीवरी का जिम्मा संभाल रहा था। पुलिस को दोनों के मोबाइल फोन से कोडवर्ड में हुई व्हाट्सएप चैटिंग भी मिली है, जिससे इस ड्रग नेटवर्क की पुष्टि हुई है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार वैभव उर्फ बाबा का नेटवर्क सिर्फ भोपाल तक सीमित नहीं था। वह इंदौर के विजय नगर, खजराना, लसूड़िया, महालक्ष्मी नगर, स्कीम-78, राजेंद्र नगर और श्रीनगर कांकड़ जैसे इलाकों के पैडलरों से जुड़ा हुआ था। गिरोह के तार खजराना के गोल्डन, गुलाब बाग कॉलोनी के सागर उर्फ सैंडो और हेमंत जैन से भी जुड़े पाए गए हैं।

बताया जा रहा है कि एमडी ड्रग्स की खरीद रतलाम, मंदसौर और प्रतापगढ़ के तस्करों से की जाती थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वैभव शर्मा खासतौर पर वीकेंड पार्टी, बर्थडे बैश, प्राइवेट फार्म हाउस इवेंट, पब और क्लब नाइट जैसे आयोजनों को निशाना बनाता था।

कनाडिया पुलिस के मुताबिक यह गिरोह पूरी तरह संगठित तरीके से काम कर रहा था। वैभव शर्मा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके बैंक ट्रांजैक्शन, कॉल डिटेल, इवेंट बुकिंग रिकॉर्ड और पैडलर नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े और बड़े नाम भी सामने आ सकते हैं।

कोहेफिजा की करोड़ों की कोठी और लग्जरी ठाठ

आवान शकील भोपाल के कोहेफिजा इलाके में आधे एकड़ में बनी करोड़ों की कोठी में रहता है। उसके घर के पोर्च में लग्जरी गाड़ियां खड़ी रहती थीं। आमतौर पर उसका उठना-बैठना नए भोपाल के क्लब और लाउंज में था। उसकी बहन भी सेंट माइकल स्कूल के संचालन में सहयोगी बताई जा रही है।

इसी ड्रग नेटवर्क की एक कड़ी में करीब ढाई महीने पहले भोपाल की टीला जमालपुरा पुलिस ने अक्सा खान को 9 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया था। सूत्रों के मुताबिक अक्सा, आवान की पैडलर थी और कोहेफिजा की ही रहने वाली है। फिलहाल वह भोपाल सेंट्रल जेल में बंद है। इस कड़ी के सामने आने के बाद भोपाल पुलिस ने आवान के लोकल ड्रग नेटवर्क की गोपनीय जांच शुरू कर दी है।

आवान के पिता शकील मोहम्मद प्रदेश के पुराने और नामी बॉडी बिल्डर रहे हैं। उन्होंने ही सेंट माइकल स्कूल और क्रिकेट एकेडमी की नींव रखी थी, जहां से कई खिलाड़ी स्टेट और रणजी स्तर तक पहुंचे। कोरोना काल में उनके निधन के बाद अब परिवार का नाम ड्रग्स तस्करी के गंभीर आरोपों से जुड़ गया है।

ड्रग्स केस के बाद स्कूल में मारपीट का गंभीर आरोप

ड्रग्स तस्करी के आरोप में गिरफ्तार आवान शकील पर एक और गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि वह सेंट माइकल स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार करता था। जनवरी 2025 में 11वीं कक्षा के एक छात्र को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसके दोनों पैरों में गंभीर चोटें आई थीं।

पीड़ित छात्र के परिजनों ने इस मामले की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की थी, जिसके बाद जांच समिति गठित किए जाने की बात कही गई थी, लेकिन समय बीतने के साथ यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया। छात्र ने बताया था कि स्कूल परिसर में एक अन्य छात्र से विवाद के बाद उसे आवान शकील के पास ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उसे जूते पहनकर पैरों पर बार-बार मारा गया।

छात्र का कहना था कि यह पहली बार नहीं था, अन्य छात्रों के साथ भी इसी तरह की सजा दी जाती थी। घटना के बाद छात्र की चोटों के वीडियो भी सामने आए थे, जिन्हें परिजनों ने अधिकारियों को सौंपा था। यह घटना 9 जनवरी 2025 की सुबह करीब 8:30 बजे की बताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार बाद में छात्र के परिजनों और स्कूल प्रबंधन के बीच राजीनामा हो गया, जिसके चलते मामला आगे नहीं बढ़ सका।

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