द पब्लिकेट, भोपाल। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मिलावटी डेयरी प्रोडक्ट्स को नकली लैब रिपोर्ट के सहारे विदेश भेजने के गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी किशन मोदी को गिरफ्तार किया है। यह मामला न केवल आर्थिक अपराध का है, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ का भी है।
ED के अनुसार, आरोपी को 13 मार्च 2026 को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद 14 मार्च 2026 को उसे भोपाल की स्पेशल PMLA कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने 18 मार्च 2026 तक ED कस्टडी में भेज दिया।
भोपाल में दर्ज FIR से खुला पूरा खेल
यह कार्रवाई भोपाल में दर्ज दो अलग-अलग मामलों के आधार पर की गई है। पहली FIR 29 अगस्त 2023 को हबीबगंज थाने में और दूसरी 22 जुलाई 2024 को EOW भोपाल में दर्ज हुई थी। दोनों मामलों में मेसर्स जयश्री गायत्री फ़ूड प्रोडक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर्स और अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे।
‘दूध’ के नाम पर जहर का कारोबार
जांच में सामने आया कि कंपनी ‘मिल्क मैजिक’ ब्रांड के नाम से डेयरी प्रोडक्ट तैयार कर बाजार में बेचती थी। लेकिन इन उत्पादों में असली दूध की फैट की जगह पाम ऑयल और अन्य हानिकारक केमिकल मिलाए जाते थे। यह मिलावटी सामान सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी भेजा गया—जहां लोग इसे शुद्ध भारतीय उत्पाद समझकर इस्तेमाल कर रहे थे।
फर्जी लैब रिपोर्ट से मिला एक्सपोर्ट क्लियरेंस
ED की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि कंपनी ने नामी लैब्स के नाम पर फर्जी टेस्ट रिपोर्ट तैयार करवाई। इन रिपोर्ट्स को निर्यात निरीक्षण एजेंसी (EIA), इंदौर के सामने पेश कर एक्सपोर्ट की अनुमति ली गई।
जब इन रिपोर्ट्स की सत्यता जांची गई तो संबंधित लैब्स ने साफ इनकार कर दिया—बताया कि उन्होंने ऐसी कोई रिपोर्ट जारी ही नहीं की। इससे साफ हो गया कि पूरा दस्तावेजी खेल सुनियोजित और फर्जी था।
20 करोड़ से ज्यादा की ‘कमाई’
जांच में सामने आया कि इन फर्जी रिपोर्ट्स के आधार पर कंपनी ने विदेशों में मिलावटी उत्पाद भेजकर करीब 20.59 करोड़ रुपये की रकम हासिल की। यह राशि Axis Bank और HDFC Bank के खातों में जमा की गई। ED ने इसे “प्रोसीड्स ऑफ क्राइम” यानी अपराध से अर्जित धन माना है।
स्वास्थ्य और भरोसे से बड़ा खिलवाड़
यह मामला सिर्फ आर्थिक घोटाले तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लाखों लोगों के भरोसे पर भी चोट है, जो भारतीय डेयरी उत्पादों को गुणवत्ता और शुद्धता का प्रतीक मानते हैं। मिलावट से भरे इन उत्पादों ने न केवल देश की छवि को नुकसान पहुंचाया, बल्कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य को भी जोखिम में डाला।
जांच जारी, और खुलासों की संभावना
ED का कहना है कि मामले में अन्य लोगों और नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और बड़े नाम सामने आ सकते हैं।

