द पब्लिकेट, इंदौर। श्याम पैलेस होटल की तीसरी मंजिल से गिरकर प्रॉपर्टी ब्रोकर जितेंद्र उर्फ जीतू साहू की हुई संदिग्ध मौत की जांच में अब नया और अहम मोड़ आ गया है। मामले में गैंगस्टर सलमान लाला के चाचा जावेद की एंट्री ने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना वाली रात आखिर जीतू ने जावेद को ही होटल क्यों बुलाया था और क्या उसकी भूमिका केवल समझौता कराने तक सीमित थी या इससे कहीं ज्यादा थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, भोपाल से गिरफ्तार सईदा फरिया ने पूछताछ में बताया कि वह करीब डेढ़ साल से जीतू के संपर्क में थी और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे। पहले दोनों करोल बाग स्थित फ्लैट में रहते थे और पिछले 22 दिनों से श्याम पैलेस होटल में ठहरे हुए थे। होटल का बढ़ता बिल और दोनों के बीच लगातार हो रहे विवाद के चलते माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था।
विवाद सुलझाने बुलाया गया था जावेद
जांच में सामने आया है कि घटना वाली रात जीतू ने जावेद, मोहम्मद आसिफ और मोहम्मद नदीम को होटल बुलाया था। जावेद ने पुलिस को बताया कि सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और उसने जीतू व फरिया के बीच चल रहे विवाद को खत्म कराने की कोशिश की। उसके मुताबिक, रात करीब 3 बजे वह अपने साथियों के साथ होटल से निकल गया। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद जीतू होटल की तीसरी मंजिल से नीचे गिरा हुआ मिला।
अब रिश्तों की कड़ी भी खंगाल रही पुलिस
मामले में पुलिस सिर्फ मौत की परिस्थितियों की जांच नहीं कर रही, बल्कि जावेद और फरिया के संबंधों की भी पड़ताल कर रही है। जांच अधिकारी यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि क्या जावेद केवल समझौता कराने आया था या उसने पहले भी दोनों के बीच किसी तरह की भूमिका निभाई थी। यह भी जांच का विषय है कि फरिया और जीतू की पहली मुलाकात कैसे हुई और क्या इस परिचय में किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका थी।
सीसीटीवी, कॉल डिटेल और इलेक्ट्रॉनिक सबूत खंगाले जा रहे
बाणगंगा थाना पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। सभी बयानों और तकनीकी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है।
नौ लोगों के बयान, फिर भी नहीं सुलझी गुत्थी
अब तक पुलिस होटल स्टाफ, होटल संचालक, जावेद, मोहम्मद आसिफ, मोहम्मद नदीम सहित उन लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है, जिनसे घटना से पहले सईदा फरिया ने आखिरी बार फोन पर बातचीत की थी। कुल नौ लोगों के बयान दर्ज होने के बावजूद मौत की असली वजह अब भी रहस्य बनी हुई है।
हालांकि, शुरुआती जांच में पुलिस को मामला हादसे की ओर झुकता हुआ दिखाई दे रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी जांच के बाद ही सामने आएगा।
जांच के केंद्र में अब ये बड़े सवाल
आखिर जीतू ने मदद के लिए जावेद को ही क्यों बुलाया?
क्या जावेद की भूमिका सिर्फ समझौते तक थी या वह पहले से दोनों के संपर्क में था?
फरिया और जीतू की मुलाकात किसने कराई?
तीसरी मंजिल से गिरना हादसा था, आत्महत्या या फिर किसी साजिश का हिस्सा?
इन सवालों के जवाब ही जीतू साहू की हाई-प्रोफाइल मौत की गुत्थी सुलझाने में अहम साबित हो सकते हैं।

