द पब्लिकेट, इंदौर। अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में एक सिविल विवाद के बीच पुलिस द्वारा की गई कथित कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। गायत्री नगर निवासी चन्द्रकांत इंगले ने अन्नपूर्णा थाना प्रभारी अजय नायर पर पद का दुरुपयोग करते हुए जबरन दीवार बनवाने और परिवार के आवागमन का रास्ता बंद कराने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर चन्द्रकांत ने मुख्यमंत्री, कलेक्टर और पुलिस आयुक्त को लिखित शिकायत भेजकर न्याय की गुहार लगाई है।
शिकायत में बताया गया है कि मकान नंबर 46 गायत्री नगर और मकान नंबर 85-ए अलंकार पैलेस कॉलोनी के बीच आने-जाने के शासकीय रास्ते को लेकर सिविल न्यायालय में प्रकरण क्रमांक 107ए/2023 तथा एमजेसी अपील तैंतीसवें अपर जिला न्यायाधीश के न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद अन्नपूर्णा थाना प्रभारी अजय नायर कथित तौर पर 5 से 6 पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रार्थी को घर से उठाकर जीप में बैठाया गया।
चन्द्रकांत का आरोप है कि थाना प्रभारी ने मौके पर स्वयं खड़े होकर दीवार बनवाने के निर्देश दिए, जिसके बाद सुबोध जैन, प्रीति जैन, शुभम जैन और श्वेता जैन द्वारा पक्की दीवार खड़ी कर दी गई। इस दीवार के कारण प्रार्थी और उसके परिवार का रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध हो गया और उन्हें सुखाधिकार से वंचित कर दिया गया।
चन्द्रकांत इंगले का कहना है कि थाना प्रभारी को सिविल न्यायालय में लंबित प्रकरण के बावजूद ऐसी कोई कार्रवाई करने का वैधानिक अधिकार नहीं था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस बल की मौजूदगी में दबाव बनाकर यह निर्माण कराया गया, जो पूरी तरह असंवैधानिक है।
चन्द्रकांत ने मांग की है कि शासकीय रास्ते पर बनाई गई दीवार को तत्काल हटाया जाए, 9 जनवरी 2025 की पूर्व स्थिति बहाल की जाए और थाना प्रभारी सहित कथित रूप से संगनमत में शामिल लोगों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए। शिकायत के साथ घटना के फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग पेन ड्राइव में संलग्न कर उच्च अधिकारियों को सौंपे गए हैं।
इस मामले में अजय नायर का कहना है कि चन्द्रकांत ने सड़क को लेकर पहले केस भी किया था जिसपर कोर्ट ने स्टे नहीं दिया। हमने जाकर दीवार खड़ी नहीं करवाई थी। हम गश्त के दौरान बस मौके पर पहुंचे थे।

