द पब्लिकेट, इंदौर। एमडी ड्रग्स सप्लाई मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नेटवर्क से जुड़े नए और चौंकाने वाले पहलू सामने आ रहे हैं। ड्रग्स मामले में गिरफ्तार युवतियों ने पूछताछ के दौरान आरोप लगाए हैं कि नेटवर्क से जुड़े कुछ तस्कर न सिर्फ ड्रग्स की सप्लाई कराते थे, बल्कि उनका शोषण भी करते थे। इन बयानों के बाद पुलिस ने रतलाम के एक फार्म हाउस को जांच के दायरे में लिया है, जहां गिरफ्तारी से एक दिन पहले पार्टी आयोजित होने की बात सामने आई है। पुलिस उस फार्म हाउस के संचालक दानिश की तलाश कर रही है।
जांच के दौरान पुलिस को स्कूल संचालक अबान शकील के मोबाइल फोन से पार्टी से जुड़े कई वीडियो भी मिले हैं, जिन्हें अहम डिजिटल सबूत माना जा रहा है।
रिमांड पर अबान, पैडलरों से आमने–सामने पूछताछ
कनाड़िया पुलिस ने शुक्रवार को अबान शकील को रिमांड पर लिया। उससे पैडलर वैभव शर्मा उर्फ बाबा, अलीशा उर्फ जेनी मसीह और रिशू झा उर्फ नेहा के सामने पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में बाबा ने बताया कि अबान हर शनिवार और रविवार को इंदौर आता था और पार्टी से जुड़े आयोजनों में सक्रिय रहता था।
अबान भोपाल के कोहेफिजा इलाके का रहने वाला है और सेंट माइकल स्कूल तथा सेंट माइकल क्रिकेट अकादमी का संचालन करता है। उसके पिता शकील खान प्रदेश के जाने-माने बॉडी बिल्डर रह चुके हैं, जिनका कोरोना काल में निधन हो गया था।
पब से फार्म हाउस तक जुड़ती गई कड़ियां
पुलिस जांच में सामने आया है कि अबान और वैभव उर्फ बाबा की पहचान दोस्त हर्षद मालपानी के जरिए हुई थी। बाबा पहले पब संचालन से जुड़ा हुआ था और हर्षद उसका नियमित ग्राहक बताया जा रहा है। यहीं से पार्टी कल्चर, पब-बार और फार्म हाउस इवेंट्स के जरिए ड्रग्स सप्लाई का दायरा बढ़ता चला गया।
पुलिस के अनुसार युवतियों के माध्यम से पब, बार और रेस्टोरेंट में एमडी ड्रग्स पहुंचाई जाती थी। फार्म हाउस पार्टियों को ड्रग्स की खपत और डिलीवरी के लिए सुरक्षित ठिकानों के रूप में इस्तेमाल किया जाता था।
‘आंटी-2’ के नाम से सक्रिय नेटवर्क
पूछताछ में एक और नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक ड्रग्स कारोबार में पहले पकड़ी जा चुकी प्रीति जैन उर्फ ‘आंटी’ के बाद अब हेमंत जैन की पत्नी कथित तौर पर ‘आंटी-2’ के नाम से ड्रग्स सप्लाई में सक्रिय है। हेमंत का भाई सागर उर्फ सैंटो भी इस नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है।
करीब छह साल पहले प्रीति जैन को ड्रग्स मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसके बाद यह नेटवर्क नए नाम और नए तरीकों से विजय नगर और लसूड़िया इलाके तक फैल गया। पुलिस कार्रवाई की आशंका के चलते कई आरोपितों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं।
डिजिटल सबूतों से खुलेगा पूरा सच
यह पूरा नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहा था। अब पार्टी वीडियो, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और पैसों के लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जांच आगे बढ़ने पर ड्रग्स सप्लाई से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।

