द पब्लिकेट, धार्मिक। 2026 की चेत्र नवरात्रि मुख्य रूप से गुप्त होती है। इस नवरात्रि में गुप्त देवियों की साधना और भागती की जाती है। मुख्य रूप से यह नवरात्रि तांत्रिकों के लिए होती है, जिसमें दस महाविद्याओं की साधना की और उपासना है। अगर आप तांत्रिक नहीं है तो भी आप माता की उपासना कर माँ को प्रस्सन कर सकते है।

द्वितीय दिवस : माँ तारा को जगतजननी माना जाता है, जो भव सागर से तारने वाली का माँ तारा कहलाती है। माँ तारा ने समुद्र मंथन के समय भगवान शिव को स्तन पान कराया था जिससे वो जगत में जगतजननी ने नाम से जानी जाती है। मुख्य रूप से साधक एवं तांत्रिक ज्ञान और मोक्ष्य करने के लिए करते है।

क्या भोग चढ़ाएं : तामसिक भोग में माता को मछली चढ़ाई जाती है और वहीं सात्विक भोग में माँ को चावल, पूरी-हलवा का भोग लगता है जिससे प्रेम बड़ता है। 

बेहतर जीवन के लिए उपाय : धन धान्य और ऐश्वर्य के लिए श्रृंगार दान का काफी महत्व है। आज के दिन माँ को नारंगी भोग एवं श्रृंगार चढ़ाए ताकि घर में सुख समृद्धि बनी रहे। 

क्या करने से बचे : आज के दिन जितना हो सके झूठा खाने से बचें। वहीं, आज के दिन संभोग करने से भी बचें। 

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