द पब्लिकेट, इंदौर। नशे के नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। कनाड़िया बायपास पर चेकिंग के दौरान पुलिस ने भोपाल के एक बिल्डर को एमडी ड्रग्स के साथ पकड़ा है। पूछताछ में आरोपी ने इंदौर और भोपाल के पबों में ड्रग्स सप्लाई करने की बात कबूली है। मामले में एक बड़े ड्रग्स सरगना का नाम भी सामने आया है, जिसके कुछ पुलिसकर्मियों से नजदीकी संबंध होने के आरोप लगाए जा रहे हैं।

एडीसीपी अमरेंद्र सिंह चौहान के निर्देश पर कनाड़िया थाना प्रभारी सहर्ष यादव की टीम शनिवार रात बायपास पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस की नजर एक बिना नंबर की जीप पर पड़ी, जिसके पास एक युवक किसी का इंतजार करता दिखाई दिया। संदिग्ध गतिविधि देख पुलिस ने युवक से पूछताछ की। पुलिस को देखकर वह घबरा गया, जिसके बाद उसकी और वाहन की तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान जीप की सीट के पीछे की जेब से 5.15 ग्राम एमडी ड्रग्स के पाउच बरामद किए गए। युवक को जीप सहित थाने लाया गया। पूछताछ में उसने अपना नाम सैयद अवान शकील, निवासी कोहेफिजा, भोपाल बताया। आरोपी ने बताया कि वह पार्टी करने के बहाने इंदौर आता था और यहां से ड्रग्स लेकर भोपाल के पबों में सप्लाई करता था।

‘बाबा’ निकला नेटवर्क का सरगना

पूछताछ में शकील ने खुलासा किया कि वह एमडी ड्रग्स ‘बाबा’ नाम के व्यक्ति से खरीदता था, जो इवेंट के नाम पर कारोबार करता है। आरोपी ने बाबा का मोबाइल नंबर भी पुलिस को दिया। शकील के मोबाइल की जांच में बाबा के साथ ड्रग्स सप्लाई को लेकर चैटिंग मिलने की पुष्टि हुई है।

पुलिसकर्मियों से सांठगांठ के आरोप

जांच में सामने आया है कि बाबा के संबंध विजय नगर और लसूड़िया थाना क्षेत्र के कुछ पुलिसकर्मियों से बताए जा रहे हैं। आरोप है कि बाबा उनके साथ पार्टी करता है और पुलिस का मुखबिर होने की आड़ में पबों में ड्रग्स सप्लाई का धंधा चला रहा है। दोनों थाना क्षेत्रों में करीब 20 पब ऐसे बताए जा रहे हैं, जहां ग्राहकों को एमडी ड्रग्स के पाउच उपलब्ध कराए जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, बाबा पुलिसकर्मियों की पार्टी का खर्च उठाता है, उन्हें गाड़ियां उपलब्ध कराता है और बदले में उसे नशे का कारोबार चलाने की खुली छूट मिलती रही। हालांकि इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

छापे और जांच तेज

मामले के सामने आने के बाद पुलिस ने सरगना बाबा की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापे मारना शुरू कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारी पूरे नेटवर्क की जांच और पुलिसकर्मियों से जुड़े आरोपों की भी पड़ताल की बात कह रहे हैं।

यह मामला न सिर्फ ड्रग्स सप्लाई नेटवर्क, बल्कि सिस्टम के भीतर संभावित मिलीभगत को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। जांच के बाद ही पूरी सच्चाई सामने आने की उम्मीद है।

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