द पब्लिकेट, इंदौर। इंदौर में कार रेंटल व्यवसाय से जुड़ी एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। लसूडिया थाना क्षेत्र में एक पान मसाला कारोबारी ने परिचय और भरोसे का फायदा उठाकर कार रेंटल कंपनी से लाखों रुपए की ठगी कर ली। आरोपी ने किराए पर ली गई कारों को न सिर्फ वापस नहीं किया, बल्कि फर्जी दस्तावेज तैयार कर उन्हें अलग-अलग जगह गिरवी रख दिया।

लसूडिया पुलिस ने सेक्टर-ई, स्लाइस निवासी प्रीतम कुशवाह की शिकायत पर अंजन पुत्र मोहन श्रीवास्तव, निवासी नवलखा कॉम्प्लेक्स, सपना-संगीता रोड के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया है। पीड़ित प्रीतम ने पुलिस को बताया कि उनकी बागेश्वर कार रेंटल नाम से कंपनी है और आरोपी से उनकी पहचान करीब चार साल पुरानी है।

शिकायत के अनुसार अंजन ने खुद को ‘सागर गुटका’ ब्रांड से जुड़ा पान मसाला निर्माता बताया था। उसने यह भी कहा कि मार्केटिंग के सिलसिले में उसे प्रदेशभर में लगातार यात्रा करनी पड़ती है, जिसके चलते वह पिछले दो वर्षों से किराए पर कारें ले रहा था। शुरुआत में तय शर्तों के अनुसार किराया और हिसाब-किताब समय पर होता रहा।

हालांकि अगस्त 2025 से अचानक आरोपी ने किराया देना बंद कर दिया। उस समय उसके पास करीब पांच कारें किराए पर थीं, जिनका लाखों रुपए का भुगतान बकाया हो गया। जब प्रीतम ने कारें लौटाने और रकम चुकाने की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा।

मामले का खुलासा तब हुआ जब जीपीएस लोकेशन के जरिए पता चला कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर कारों को अलग-अलग स्थानों पर गिरवी रख दिया है। पीड़ित का आरोप है कि अब आरोपी उन्हें धमकियां भी दे रहा है और न तो वाहन लौटाने को तैयार है और न ही बकाया रकम देने को।

शनिवार को पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत लसूडिया थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि कारों की बरामदगी और फर्जी दस्तावेजों की जांच की जा रही है, साथ ही आरोपी की भूमिका की गहराई से पड़ताल की जाएगी। बताया का रहा है आरोपी अंजन ने पिछले महीने खुद की कार प्रीतम से हड़पने ने कार छीनने का षडयंत्र रचा था। स्कीम नंबर 78 में ही कार पकड़ने के दौरान एक्सीडेंट हो गया था। तब अंजन ने कार एक्सीडेंट होने पर छोड़ी का झूठा आरोप भी लगाया था। 

यह मामला एक बार फिर रेंटल कारोबार से जुड़े लोगों के लिए चेतावनी है कि भरोसे के नाम पर की गई लापरवाही किस तरह भारी नुकसान में बदल सकती है।

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