द पब्लिकेट, इंदौर। सुखलिया स्थित आईडीए की सरकारी जमीन पर फर्जी तरीके से साईं नाथ पैलेस कॉलोनी काटकर सैकड़ों परिवारों को प्लॉट बेचकर फरार होने के मामले में भूमाफिया उमाशंकर तरेटिया, जाहिद अली, कमल चौधरी और जयसिंह ठाकुर अब तक फरार है लेकिन आईडीए ने अपनी जमीन लेने के लिए कड़ा रूख अपना लिया है। जल्द ही आईडीए मकानों की सूची लेकर फर्जी रजिस्ट्रियों को निरस्त कर जमीन कब्जे में लेगा। पर अभी तक प्रकरण दर्ज होने के बाद भी उस भूमाफियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई जिनकी वजह से सैकड़ों परिवार घर से बेघर होने की कगार पर है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी परीक्षित खाड़े ने बताया एमआर-10 के पास सुखलिया में आईडीए की स्कीम नंबर 139 की जमीन पर बने मकान अवैध है। आईडीए जमीन पर बन चुके मकानों की सूची से मध्यम से जमीन पर हो चुकी फर्जी रजिस्ट्रियां निरस्त करेगा। जल्द ही अवैध जमीन पर बने मकानों को हटाकर आईडीए अपना कब्जा वापस लेगा। इस मामले की प्रकिया चल रही है। वहीं, जिन भूमाफियों ने जमीन को अपना बताकर प्लॉट बेचे उनपर कार्रवाई पुलिस करेगी।
सैकड़ों परिवार और आईडीए को चुना लगाकर भूमाफिया मस्त
सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर सैकड़ों परिवारों को जमीन और मकान बेचने के मामले में भूमाफिया उमाशंकर तरेटिया, जाहिद अली, कमल चौधरी और जयसिंह ठाकुर अब तक पुलिस की गिरफ्त से दूर है क्योंकि नेताओं का संरक्षण जो प्राप्त है। इन भूमाफियों की वजह से आईडीए को कब्जा लेने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अवैध कॉलोनी में जिन सैकड़ों परिवारों ने मेहनत कर जमापूंजी लगाकर मकान बनाया वह थोड़े दिन में हटा दिए जाएंगे।
फर्जी रजिस्ट्री बनवाने के मामले भी हो जांच
बताया जा रहा है भूमाफिया ने सरकारी जमीन पर अवैध रजिस्ट्री भी करवा दी थी। अगर सही होती तो आईडीए उन्हें निरस्त नहीं करता। भूमाफियाओं ने दो सालों में खुलेआम सैकड़ों परिवारों को प्लॉट बेचे। 200 करोड़ की जमीन पर सैकड़ों परिवारों को आशियाना का सपना दिखाकर लाखों रुपए लूटे। मामला दर्ज तो हो गया लेकिन अब इसकी भी जांच होनी चाहिए कि इन्होंने रजिस्ट्रियां फर्जी कैसे बनवाई।
द पब्लिकेट प्रमुखता से भूमाफियाओं की खबर प्रकाशित कर खुलासा कर रहा है।

